किसान भाइयों अगर आपको रबी फसलों जैसे गेहूं, चना, मटर, मसूर, आदि फसलों की बुवाई करने के लिए हमारे किसान भाइयों को डीएपी उर्वरकों की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। इस को मद्देनजर सभी कृषि विज्ञान केंद्र पत्रा द्वारा जिले के किसान भाइयों को सलाह दिया गया है कि अगर वो डीएपी के विकल्प के रूप में अन्य उर्वरकों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसलिए हम कृषि जागृति अपने सभी किसान भाइयों के लिए कुछ जैविक उर्वरकों के बारे जानकारी देने जा रहे है। जिसे हमारे किसान भाई डीएपी उर्वरक न उपलब्ध होने से हमारे बताएं हु जैविक उर्वरकों का इस्तेमाल कर सकते है अपनी रबी की फसलों में।
तो चलिए जानते है वो कौन से जैविक उर्वरक है और किसा ब्रांड है। तो हमारे किसान भाई डीएपी के विकल्प के रूप में अन्य उर्वरक जैसे– जी–एनपीके (बायो फर्टिलाइजर), जी–प्रोम एडवांस बकेट, जी–सी पावर बैग, जी–बायो फॉस्फेट एडवांस, जी–पोटाश, जी–स्यूडो प्लस, जी–डर्मा प्लस, जी–सी लिक्विड, जी–बायो ह्यूमिक, जी–अमीनो प्लस, जी–सी पावर (एक्सट्रिम एनर्जी), जी–वैम माइकोराइजा, आदि ये सभी विश्वसनीय गैलवे कृषम ब्रांड के सभी जैविक उत्पाद है जो कृषि के लिए बनाएं गए है। और इन सभी उत्पादों से मानव, पर्यावरण एवं पंक्षियों पर कोई पूरा परभाव नहीं होता है। क्योंकि यह शुद्ध एवं ऑर्गेनिक उत्पाद है।
अभी जो हमारे किसान भाई रबी फसलों की बुवाई करने वाले है उसके लिए हम यह जानकारी देने जा रहे हैं कि किस फसल के लिए इन सभी जैविक उत्पादों में से कितनी मात्रा प्रति एकड़ में दें हमारे किसान भाई तो चालिए जानते हैं।
दलहनी फसलों जैसे– चना, मटर, मसूर में प्रति एकड़ रूरिया 15 किलोग्राम, जी–प्रोम एडवांस 10 किलोग्राम, जी–सी पावर 10 किलोग्राम, जी–एनपीके बायो फर्टिलाइजर एक लीटर, को 100 से 150 किलोग्राम 12 माह पूरा सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाकर प्रति एकड़ खेत में बुरकाव करें।

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